बिहार मुस्लिम महापंचायत गोष्ठी का आयोजन हुआ

Updated on 26 November, 2020

आरा के श्री कृष्ण चेतना समिति सभागार में "मुसलमान - राजनीतिक चुनौतियां और सशक्तिकरण" विषय पर "बिहार मुस्लिम महापंचायत" की जिला कमेटी के द्वारा एक गोष्ठी का आयोजन किया गया.

गोष्ठी में मुख्य वक्ता के रूप में बिहार मुस्लिम महापंचायत के मुख्य संयोजक मोहम्मद काशिफ़ यूनुस ने अपनी बात रखी. उन्होंने कहा की मुश्किल के इस दौर में मुसलमानों को सामाजिक और राजनीतिक स्तर पर संगठित होकर अपने समाज का सशक्तिकरण करने की जरूरत है. उन्होंने कहा कि आज कोई भी राजनीतिक दल आपकी समस्याओं को लेकर गंभीर नहीं है जब तक आप संगठित नहीं होते हैं और अपनी आवाज को मजबूत नहीं करते हैं तब तक सरकार और राजनीतिक दलों द्वारा आपकी समस्याओं पर गंभीरता नहीं दिखाई जाएगी.

उन्होंने कहा कि मुसलमानों को आज पंचायत स्तर से लेकर राष्ट्रीय स्तर तक एक ऐसे संगठन और नेतृत्व की जरूरत है जो उनके अधिकारों के लिए सरकारों और राजनेताओं से मजबूती से बात कर सके.

उन्होंने बिहार मुस्लिम महापंचायत की जिला कमेटी को इस गोष्टी को आयोजित करने के लिए धन्यवाद दिया और बताया की महापंचायत पूरे जिला में संगठन के विस्तार को लेकर जोर शोर से काम कर रहा है और जिला के मुसलमान को यतीम नहीं छोड़ा जाएगा. उन्हें संगठित कर एक आवाज दी जाएगी.

इस अवसर पर काशिफ यूनुस ने बिहार मुस्लिम महापंचायत के द्वारा जारी किए गए "मुस्लिम घोषणापत्र" के बारे में भी जानकारी दी. इस घोषणापत्र में बिहार के मुसलमानों के सामाजिक और आर्थिक विकास के लिए कुल 18 बिंदु रखे गए हैं जिसके अंदर अल्पसंख्यक आरक्षण से लेकर सीमांचल में अस्पताल बनाने और वक्फ़ जायदाद की हिफाजत के लिए पब्लिक ऑडिट कराने जैसी मांगे हैं.

इस अवसर पर "बिहार मुस्लिम महापंचायत" के सलाहकार जमाल युसूफ, अधिवक्ता ने अपनी बात रखते हुए कहा के मुस्लिम समाज को गैर मुस्लिम समाज से सामाजिक स्तर पर जोड़ने के लिए भी व्यापक कार्यक्रम की जरूरत है. पूरे जिला में इस कार्यक्रम को चलाने की जिम्मेदारी ली.

 इस अवसर पर अमीरउल हक, सबीह उद्दीन एवं अन्य लोगों ने भी अपनी बात रखी और संगठन को मजबूती देने के लिए लोगों से अपील की.

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