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Nair Left IIT Patna, Govt. Perplexed

Patna
Nair Left IIT Patna, Govt. Perplexed
January 28, 2012

पटना,संवाददाता,एस.अमित - प्रथम भारतीय चंद्र अभियान के सूत्रधार जी माधवन नायर जिन्होंने पटना आई आई टी के बोर्ड ऑफ गवर्नेस पद के अध्यक्ष से अभी-अभी इस्तीफा दिया है,शनिवार को पटना में थे। पटना आई आई टी से अपने सभी औपचारिक संबध तोड़ते हुए उन्होनें सरकार के निर्णय की भर्तस्ना की और कहा कि उन्हे उनका पक्ष रखने का मौका ही नहीं दिया गया। इसी कड़ी में पूर्व सीवीसी प्रत्यूष सिन्हा की अध्यक्षता वाली टीम ने सरकार से नायर समेंत तीन अन्य वैज्ञानिकों के खिलाफ कारवाई की अनुशंसा की थी। जिसके आधार पर सरकार ने इन सभी को वर्तमान और भविष्य में सभी सरकारी पदों से दूर रहने संबधी आदेश दिया था। हालांकि माघवन नायर ने सभी सरकारी पदों से इस्तीफा दे दिया है लेकिन वे सरकार के फैसले पर दुखी है और सरकार के इस एकतरफा रवैये को वैज्ञानिकों को राजनीति का शिकार  बताते है। सूचना के अधिकार के तहत उन्होंने बी.के.चतुर्वेदी समिति की रिपोर्ट पाने के लिए आवेदन दिया है। क्या है पूरा मामला-भारती अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) की व्यावसायिक कंपनी एंट्रीक्स कारपोरेशन और बेंगलूर स्थित देवास मल्टीमिडिया के बीच डिजीटल सेवाएं शुरू करने के लिए,भविष्य में भेजे जाने वाले दो सैटेलाइटों के 90 फीसदी ट्रांसपोंडर देने का करार हुआ था। इसके लिए देवास को बारह बर्षों में 30 करोड़ ड़ालर देना था। 2जी स्पेक्ट्रम घोटाला सामने आने के बाद इस करारर पर भी सवाल उठने लगे थे। बढ़ते दबाब के बीच 2011 के अंतिम पखवारे में केन्द्र सरकार ने इस करार को निरस्त कर दिया। सरकार के इस फैसले से आहत देवास मल्टीमिडिया ने इस निर्णय को अंतराष्ट्रीय न्यायालय में चुनौती दी है।प्रधानमंत्री के वैज्ञानिक सलाहकार परिषद् के प्रमुख प्रोफेसर सी एन आर राव ने नायर व तीन अन्य अंतरिम वैज्ञानिकों के खिलाफ सरकार की कार्यवाई पर नाराजगी जताई है। इस बीच केंन्द्र सरकार चारों ओर से घिरती नजर आ रही है और वैज्ञानिक समाज सहित आम जन भी सरकार के इस रवैये से आहत है।